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Market outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 13 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Published on 12/03/2026 04:26 PM

Stock Market : 12 मार्च को भारतीय इक्विटी इंडेक्स नेगेटिव नोट पर बंद हुए हैं। निफ्टी 23,700 मार्क से नीचे चला गया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 829.29 अंक या 1.08 फीसदी गिरकर 76,034.42 पर और निफ्टी 227.70 अंक या 0.95 फीसदी गिरकर 23,639.15 पर बंद हुआ है। आज लगभग 1653 शेयर बढ़े, 2401 शेयर गिरे और 159 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। इस हफ़्ते सिर्फ़ चार सेशन में सेंसेक्स 2,884 अंक या 3.65% गिरा है। मंगलवार को 1% बढ़ने के बावजूद, इसी दौरान निफ्टी 811 अंक या 3.3% गिरा है।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयर आयशर मोटर्स,M&M,मारुति सुजुकी,बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में कोल इंडिया,जियो फाइनेंशियल,अडानी एंटरप्राइजेज,NTPC और पावर ग्रिड कॉर्प शामिल रहे।

सेक्टर्स में,ऑटो इंडेक्स 3% से ज़्यादा गिरा। FMCG इंडेक्स 1.7% गिरा और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.6% गिरा। जबकि पावर इंडेक्स 2.5% बढ़ा। एनर्जी इंडेक्स 2% बढ़ा। ऑयल एंड गैस,मेटल और कैपिटल गुड्स हर एक में 0.5% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4% गिरा और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7% नीचे बंद हुआ।

खाड़ी में संघर्ष के बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह बंद होने से सप्लाई में रुकावट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के निशान के करीब पहुंच गई हैं। इसका शेयर मार्केट पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इसको देखते हुए ICICI सिक्योरिटीज ने कहा है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहती हैं,तो निफ्टी अपने प्री-कॉन्फ्लिक्ट लेवल से 10 फीसदी तक गिर सकता है।

आज भारतीय शेयर बाज़ार में बिकवाली से निवेशकों की वेल्थ 10 लाख करोड़ रुपए घट गई है। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन शुक्रवार को लगभग 450 लाख करोड़ रुपए से घटकर 440 लाख करोड़ रुपए रह गई है।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन से दुनिया भर में रिस्क लेने की क्षमता कम हो रही है, क्योंकि तेल ले जाने वाले जहाजों पर नए हमलों ने कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा दी हैं। इससे महंगाई और गैस सप्लाई की दिक्कतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मार्केट में बड़े पैमाने पर कंसोलिडेशन देखा जा रहा है,हालांकि रिन्यूएबल्स और यूटिलिटी स्टॉक्स में सेलेक्टेड खरीदारी हुई है।

शॉर्ट टर्म में जोखिम से बचने की भावना और FII की तरफ से हो रही लगातार बिकवाली के कारण इक्विटी मार्केट और रुपए दोनों पर दबाव रहने की संभावना है। हालांकि,इस साल भारत का प्रीमियम वैल्यूएशन कम हुआ है,जिससे हमारा बाजार लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर के इन्वेस्ट करने लायक बन गया है। इससे गिरावट का रिस्क कम हो गया है।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर लगातार कमजोर बना हुआ है। जिससे डेली चार्ट्स पर लोअर हाई और लोअर लो का एक साफ पैटर्न बन रहा है। इंडेक्स करीब 226 अंक नीचे 23,640 पर बंद हुआ है। खास बात यह है कि यह 23,700 के सपोर्ट लेवल से नीचे फिसल गया है।

इस सपोर्ट के टूटने से पता चलता है कि सेलिंग प्रेशर अभी भी हावी है। अगर निफ्टी आज के 23,556 के लो लेवल से नीचे बना रहता है तो गिरावट 23,200–23,000 ज़ोन तक बढ़ सकती है,जो अगला बड़ा सपोर्ट एरिया लगता है।

ऊपर की तरफ,23,900–24,100 अब एक अहम रेजिस्टेंस बैंड के तौर पर काम करेगा। जब तक कि सेंटिमेंट में अच्छा सुधार नहीं होता, इस ज़ोन की ओर किसी भी रिकवरी को सप्लाई का सामना करना पड़ सकता है।

मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर और बढ़ती हुई अनिश्चितता को देखते हुए,ट्रेडर्स को बहुत ज़्यादा लेवरेज से बचना चाहिए और डिसिप्लिन्ड रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस करना चाहिए,क्योंकि शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी ज़्यादा रह सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स हाल के कंसोलिडेशन लो से नीचे फिसल गया,जिससे होर्मुज स्ट्रेट में चल रही समस्याओं के बीच कमजोरी बढ़ गई। हालांकि सेशन थोड़ा वोलाटाइल रहा,लेकिन कुल मिलाकर ऊपरी लेवल पर सेलिंग प्रेशर बना रहा। शॉर्ट टर्म में सेंटीमेंट बेयरिश व्यू को सपोर्ट कर रहा है। ऐसे में सेल-ऑन-राइज़ पसंदीदा स्ट्रैटेजी बनी रह सकती है। RSI इंडिकेटर बेयरिश क्रॉसओवर में है और आगे गिर रहा है, जिससे यह काफी कमजोरी वाले ज़ोन में जा रहा है। निचले सिरे पर,सपोर्ट 23,400-23,200 पर है। जबकि ऊपरी सिरे पर रेजिस्टेंस 23,850 पर दिख रहा है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी आज 55,300 के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे बंद हुआ,जो इंडेक्स पर मज़बूत बेयरिश कंट्रोल दिखाता है। हालांकि,ऑवरली चार्ट पर ओवरसोल्ड ज़ोन में पॉज़िटिव डाइवर्जेंस शॉर्ट-टर्म रिकवरी या रिबाउंड की संभावना दिखाता है। इसके बावजूद,मार्केट में फैली घबराहट और बैंक निफ्टी के हाई बीटा नेचर से ओवरऑल सेंटीमेंट कमज़ोर बना हुआ है।

अगर इंडेक्स अपनी में गिरावट बढ़ती है तो अगला अहम सपोर्ट 54,500 के आसपास होगा। जबकि ऊपर की तरफ किसी भी पुलबैक या रिकवरी को 56200 के लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

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