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Nifty Outlook: 24900 का लेवल भी टूटा, अब 2 फरवरी को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल? जानिए एक्सपर्ट से

Published on 01/02/2026 06:33 PM

Nifty Outlook: यूनियन बजट 2026 के लिए हुए स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में 150% तक बढ़ोतरी का ऐलान किया, बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह बदल गया। घबराहट में हुई बिकवाली से निफ्टी 50 इंट्रा-डे में 24,572 तक लुढ़क गया।

सिर्फ 90 मिनट में बदली तस्वीर

बजट भाषण शुरू होने तक बाजार में कोई खास हलचल नहीं थी। लेकिन सुबह 11 बजे के बाद माहौल तेजी से बिगड़ा। सिर्फ 90 मिनट के भीतर निफ्टी अपने इंट्रा-डे हाई से 869 अंक टूट गया।

बीच सत्र में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और इंडेक्स 577 अंक संभलकर 25,148 तक पहुंचा, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। दोबारा बिकवाली आई और बाजार ने 400 से ज्यादा अंक फिर गंवा दिए।

चार महीने का सबसे निचला क्लोज

दिन के निचले स्तर से 500 से ज्यादा अंकों की रिकवरी के बावजूद निफ्टी 50 आखिरकार 495 अंक या 1.96% टूटकर 24,825 पर बंद हुआ। यह निफ्टी का पिछले चार महीनों का सबसे निचला क्लोज रहा। इसके साथ ही यह 7 अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट भी मानी जा रही है।

STT बढ़ोतरी बनी गिरावट की वजह

बाजार में इस तेज बिकवाली की सबसे बड़ी वजह डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर STT में अचानक और भारी बढ़ोतरी रही। सरकार का मकसद भले ही रिटेल स्पेकुलेशन को कम करना हो, लेकिन यह फैसला बाजार के लिए चौंकाने वाला साबित हुआ। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए तेजी से पोजीशन काटनी शुरू कर दी।

₹11 लाख करोड़ की वैल्यू साफ

इस बिकवाली के चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप से करीब ₹11 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। एक ही ट्रेडिंग सेशन में इतनी बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका रही।

किन शेयरों ने दिखाई मजबूती

निफ्टी के ज्यादातर शेयर लाल निशान में बंद हुए, लेकिन Wipro, Max Healthcare और TCS ने बाजार के उलट प्रदर्शन किया और टॉप गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी ओर BEL, Hindalco और ONGC सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

सिर्फ IT सेक्टर रहा ग्रीन

सेक्टर के स्तर पर सिर्फ निफ्टी IT इंडेक्स ही बढ़त के साथ बंद हो सका। बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स गिरावट में रहे। PSU बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।

PSU बैंक शेयरों में गिरावट की एक बड़ी वजह सरकार के बढ़े हुए उधारी लक्ष्य भी रहे। इससे बॉन्ड यील्ड बढ़ने और बैंकों के बॉन्ड पोर्टफोलियो पर MTM लॉस की चिंता बढ़ गई।

मुख्य इंडेक्स के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट ज्यादा तेज रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.24% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.73% की गिरावट दर्ज की गई।

कमोडिटी गिरावट का असर

मेटल शेयरों पर दबाव तब और बढ़ गया जब MCX पर कॉपर फ्यूचर्स 5% से ज्यादा टूट गए। सोना और चांदी भी तेजी से फिसले। गोल्ड फ्यूचर्स में 5% से ज्यादा और सिल्वर में करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई।

ग्लोबल बाजारों से पिछड़ता भारत

2025 में भारतीय शेयर बाजार अब भी ग्लोबल बाजारों से पीछे नजर आ रहा है। निफ्टी 50 सालाना आधार पर करीब 10% की बढ़त में है। वहीं साउथ कोरिया के KOSPI जैसे बाजार 20% से लेकर 65% तक की तेजी दिखा चुके हैं।

रुपये को लेकर भी चिंता

मार्केट एक्सपर्ट्स ने रुपये की कमजोरी को लेकर भी चिंता जताई है। अनुमान है कि रुपये में आगे करीब 1% तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि बजट वाले दिन करेंसी मार्केट बंद रहने की वजह से इसका तत्काल असर नहीं दिखा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के टेक्निकल एनालिस्ट नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी ने 24,900-25,450 के कंसॉलिडेशन रेंज को साफ तौर पर तोड़ दिया है। इसके साथ ही इंडेक्स 200-डे SMA और 200-डे EMA दोनों से नीचे चला गया है। यह संकेत है कि बाजार में एक बार फिर पोजिशनल डाउनट्रेंड शुरू हो चुका है।

नंदीश शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए तुरंत सपोर्ट 24,571 और 24,337 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, ऊपर की तरफ 25,000 से 25,150 का दायरा शॉर्ट टर्म में मजबूत रेजिस्टेंस बन सकता है।

आगे और गिरावट का खतरा

SBI Securities के सुदीप शाह का कहना है कि 24,700-24,650 का जोन फिलहाल निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।

उनके अनुसार, 24,650 के नीचे लगातार कमजोरी रहने पर निफ्टी पहले 24,500 और उसके बाद 24,350 तक फिसल सकता है। कुल मिलाकर, टेक्निकल संकेत अभी बाजार में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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