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Ola Electric Shares: बॉम्बे हाईकोर्ट ने CEO भाविश अग्रवाल के अरेस्ट वारंट पर लगाई रोक, ओला इलेक्ट्रिक के शेयर 3.6% उछले

Published on 18/02/2026 10:14 AM

Ola Electric Shares: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में बुधवार 18 फरवरी को तेजी देखी गई। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने कंपनी के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 3.6 प्रतिशत तक उछल गए। इसके साथ ही इस शेयर में पिछले चार दिनों से जारी गिरावट पर आज विराम लग गया।

सुबह 9:25 बजे के करीब, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर एनएसई पर 3.6 प्रतिशत चढ़कर 29 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। इससे पहले मंगलवार को शेयर 2.5 प्रतिशत गिरकर 28.11 रुपये पर बंद हुआ था और इंट्राडे में इसने 27.36 रुपये का नया 52 हफ्ते का निचला स्तर छू लिया था।

क्या है मामला?

साउथ गोवा की डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन ने भाविश अग्रवाल के खिलाफ वारंट जारी किया था। आरोप था कि नोटिस मिलने के बावजूद वह आयोग के सामने पेश नहीं हुए।

यह मामला प्रितेश चंद्रकांत घाड़ी नाम के एक ग्राहक की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में कहा गया कि उनके ओला S1 प्रो सेकेंड जेन स्कूटर में लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। मरम्मत के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने 1.47 लाख रुपये की रिफंड और 50,000 रुपये मानसिक उत्पीड़न के लिए मांगे हैं।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने वारंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह भी माना कि डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन ने वारंट जारी करते समय कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया था। ओला इलेक्ट्रिक ने मीडिया से अपील की कि वह कानूनी स्थिति को ध्यान में रखे और अटकलों से बचे।

पहले से दबाव में था शेयर

ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में इस खबर से पहले ही कमजोर ट्रेंड में थे। हाल में कई ब्रोकरेज फर्मों ने इसके शेयर की रेटिंग घटाई है। सिटी ने शेयर पर अपनी रेटिंग ‘बाय’ से घटाकर ‘सेल’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये कर दिया है, जो करीब 51 प्रतिशत की कटौती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत के दोपहिया बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ उम्मीद से धीमी है। पेट्रोल वाहनों पर जीएसटी में कटौती से कीमतों का अंतर कम हुआ है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग प्रभावित हुई है।

सिटी ने यह भी कहा कि सर्विस से जुड़ी चुनौतियां, बढ़ते कॉम्पिटीशन और कमजोर ग्राहक धारणा से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी घटी है। दिसंबर तिमाही के नतीजे भी अनुमान से कमजोर रहे।

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