News Image
Money Control

Share Market Crash: शेयर बाजार इन 7 कारणों से हुआ क्रैश; सेंसेक्स 2600 अंक टूटा, मचा हाहाकार

Published on 19/03/2026 03:25 PM

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 19 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। चौतरफा बिकवाली से दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मच गया। दोपहर 3 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 2,573 अंक या 3.35 परसेंट क्रैश होकर 74,130.91 पर कारोबार कर रहा। वहीं निफ्टी 787.60 अंक या 3.29 परसेंट गिरकर 23,000 के भी नीचे पहुंच गया। इसके साथ ही शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी तेजी पर आज ब्रेक लग गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, कमजोर ग्लोबल संकेत और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया।

ब्रॉडर मार्केट में भी हाहाकार की स्थिति रही। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 2-2% तक गिर गए। निफ्टी के सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई।

शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 7 बड़े कारण रहे-

1. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

शेयर बाजार की गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, "ब्रेंट क्रूड का भाव 111 डॉलर तक पहुंच गया है। यह भारत जैसे ऑयल और गैस इंपोर्टर देश के लिए बुरी खबर है। अगर ब्रेंट क्रूड का भाव लंबे समय तक 110 डॉलर से ऊपर रहता है, तो इसका भारत की इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ेगा।"

2. कमजोर ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में भी आज भारी दबाव देखा गया। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सभी गिरावट में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में तेज गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ। गिफ्ट निफ्टी भी कारोबार के दौरान 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया था।

3. बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव

मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से इलाके के एनर्जी फैसिलिटी पर हमले और साउथ पार्स गैस फील्ड पर कार्रवाई के बाद अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष और गहरा गया है। इससे क्रूड और नैचुरल गैस की ग्लोबल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी और बाजार में जोखिम से बचने का माहौल बना।

4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा। बुधवार को FIIs ने 2,714 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। लगातार पूंजी निकासी से बाजार की स्थिरता प्रभावित हो रही है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने PTI को बताया, "FII की लगातार बिकवाली साफ तौर पर रिस्क-ऑफ अप्रोच दिखाती है, और लगातार कैपिटल आउटफ्लो से मार्केट की स्टेबिलिटी पर असर पड़ रहा है।"

5. अमेरिकी फेड का सख्त रुख

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया, लेकिन महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है। फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए कि इस साल ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश सीमित है। ब्याज दरें ऊंची रहने से भारत जैसे इमर्जिंग बाजारों में निवेश का आकर्षण कम होता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि ग्लोबाल हालात के चलते आर्थिक हालात “असामान्य रूप से अनिश्चित” बना हुआ है।

6. HDFC बैंक के शेयरों में भारी गिरावट

शेयर बाजार में आज की गिरावट में HDFC बैंक की भी बड़ी भूमिका रही। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक के शेयर कारोबार के दौरान 9% तक लुढ़क गए। यह पिछले दो साल से ज्यादा समय में इस शेयर में आई सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट है। इसका असर बैंक निफ्टी पर भी पड़ा, जो करीब 3% गिर गया। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस घटनाक्रम से बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

7. इंडिया VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद डर को दिखाने वाला इंडिकेटर, इंडिया VIX गुरुवार को 16% से ज्यादा बढ़कर 21.72 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) ज्यादा रहने की उम्मीद है।

टेक्निकल चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि तीन दिनों में लगभग 900 अंकों उछलने के बाद, अब 10-दिनों सिंपल मूविंग एवरेज के पास थकावट के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी अगर 23,111 से नीचे जाता है तो आगे और गिरावट आ सकती है। वहीं, अगर बाजार 23,450 के ऊपर टिकता है, तभी मजबूती मानी जाएगी।

यह भी पढ़ें- HDFC Bank Shares: एचडीएफसी बैंक के शेयर 9% तक क्रैश, चेयरमैन ने दिया इस्तीफा, निवेशकों में मची भगदड़

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।