Published on 01/02/2026 10:52 AM
Stock Crash: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंच (MCX) के शेयरों में आज रविवार 1 फरवरी को भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई पर MCX का शेयर 14.9% टूटकर दिन के निचले स्तर 2,146.25 रुपये तक पहुंच गया। एनएसई पर भी इसके शेयर 15 फीसदी से अधिक लुढ़क गए। इसके उलट, सेंसेक्स और निफ्टी सुबह 10.30 बजे के करीब हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बता दें कि बजट के चलते आज रविवार 1 फरवरी को शेयर बाजार भी खुला हुआ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ ही देर में केंद्रीय बजट 2026 पेश करने वाली हैं। बजट से पहले बाजार में बढ़ी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है।
MCX के शेयरों में यह तेज गिरावट ऐसे समय आई है सोने और चांदी की कीमतों में पिछले दो दिनों से भारी गिरावट देखी जा रही है। MCX पर गोल्ड और सिल्वर दोनों के भाव सुबह के कारोबार में 9 फीसदी टूटकर अपनी लोअर सर्किट सीमा में आ गए।
क्यों टूटे MCX के शेयर?
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के डायरेक्टर (इक्विटी स्ट्रैटेजी), क्रांति बथिनी का कहना है कि MCX के शेयरों पर दबाव की सबसे बड़ी वजह तेज मुनाफावसूली है। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में स्टॉक में जोरदार तेजी आई थी, जिसके बाद निवेशक अब मुनाफा कमा रहे हैं। इसके अलावा, कमोडिटी मार्केट में व्यापक कमजोरी भी शेयर पर भारी पड़ रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में MCX के शेयर 101% तक चढ़े हैं, जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स 3.4% गिरा है। इतनी तेज रैली के बाद करेक्शन को बाजार विशेषज्ञ स्वाभाविक मान रहे हैं।
सोना-चांदी में तेज गिरावट
सोना और चांदी की कीमतों में आज के कारोबार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। MCX पर इसी समय गोल्ड के अप्रैल फ्यूचर्स का भाव करीब 8.76% या 13,345 रुपये टूटकर 1,39,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं सिल्वर के मार्च फ्यूचर्स का भाव लगभग 9% या 26,273 रुपये गिरकर 2,65,652 रुपये प्रति किलो के स्तर तक आ गया। सोने और चांदी की कीमतों में यह लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट रही।
ग्लोबल संकेतों का असर
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई कारणों का मेल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक का अगल चेयरमैन नियुक्त किया है, जिससे ग्लोबल कमोडिटी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। बाजार को आशंका है कि केविन की नियुक्ति से अमेरिका में मॉनिटरी पॉलिसी के और सख्त होने और ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका बढ़ गई है।
इन घटनाओं के बाद US Dollar Index में तेज उछाल आया, जिससे डॉलर में कीमत तय होने वाली कमोडिटीज और महंगी हो गईं और उन पर दबाव बढ़ा।
MCX के मार्जिन नियमों में बदलाव
इसके अलावा, MCX ने बुलियन कमोडिटीज कोलैटरल से जुड़े नियमों में भी बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने रिस्स मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए कुछ कमोडिटी फ्यूचर्स पर मार्जिन आवश्यकताएं बढ़ा दी हैं। सोने के लिए मार्जिन 20% और चांदी के लिए मार्जिन 25% कर दी गई। इसके अलावा प्रति सदस्य अपर कैप की सीमा ₹400 करोड़ तय कर दी गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सख्त मार्जिन नियमों से शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग गतिविधि प्रभावित हो सकती है, जिसका असर शेयर पर दिख रहा है।
यह भी पढ़ें- Silver Price Crash: चांदी में शुरू हो गई साल 1980 जैसी गिरावट? दो दिन में 35% से अधिक टूटा भाव, निवेशक बर्बाद
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।